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Personal Loan: ₹1 लाख का लोन लेकर बेटी की शादी करना सही या गलत, बाप जरूर पढ़ें

Personal Loan: ₹1 लाख का लोन लेकर बेटी की शादी करना सही या गलत, बाप जरूर पढ़ें

आज के समय में शादी का खर्च बहुत तेजी से बढ़ गया है। हर पिता चाहता है कि उसकी बेटी की शादी अच्छे से हो, समाज में इज्जत बनी रहे और कोई कमी न दिखे। लेकिन सवाल यह है कि क्या ₹1 लाख का पर्सनल लोन लेकर शादी करना सही फैसला है? पर्सनल लोन आसानी से मिल जाता है, जैसे State Bank of India, HDFC Bank या ICICI Bank जैसी बड़ी बैंकें कुछ ही दिनों में पैसा दे देती हैं। पर आसान पैसा बाद में भारी बोझ भी बन सकता है। इसलिए इस फैसले को भावनाओं से नहीं, समझदारी से लेना जरूरी है।

शादी का खर्च और असली जरूरत

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि शादी में कौन सा खर्च जरूरी है और कौन सा दिखावे के लिए है। खाना, कपड़ा, जरूरी सामान और साधारण कार्यक्रम करना ठीक है। लेकिन बड़ी बारात, महंगा हॉल, ज्यादा सजावट और अनावश्यक रस्में खर्च बढ़ा देती हैं। कई बार समाज के डर से पिता कर्ज ले लेता है, पर बाद में वही कर्ज हर महीने की चिंता बन जाता है। बेटी की खुशहाली अच्छे संस्कार और समझदार जीवन से आती है, न कि महंगे कार्यक्रम से।

पर्सनल लोन की सच्चाई

पर्सनल लोन बिना गारंटी मिलता है, लेकिन इसका ब्याज ज्यादा होता है। मान लीजिए आपने ₹1 लाख का लोन लिया और बैंक ने 12% से 16% तक ब्याज लगाया। अगर 3 साल में चुकाना है तो हर महीने किस्त देनी होगी। अगर समय पर किस्त नहीं दी तो पेनल्टी भी लग सकती है। इससे घर का बजट बिगड़ सकता है।

नीचे एक आसान उदाहरण दिया गया है जिससे आप समझ सकें कि किस्त कैसे बनती है।

लोन राशिब्याज दर (सालाना)समयअनुमानित मासिक किस्तकुल भुगतान
₹1,00,00014%3 साललगभग ₹3,420लगभग ₹1,23,000

इस टेबल से साफ है कि ₹1 लाख लेने पर आपको लगभग ₹23,000 ज्यादा लौटाने पड़ सकते हैं। यह पैसा आपकी मेहनत की कमाई से जाएगा।

लोन लेने के फायदे

कभी-कभी हालात ऐसे होते हैं कि घर में बचत नहीं होती और शादी की तारीख तय हो चुकी होती है। ऐसे में लोन मदद कर सकता है। समय पर पैसा मिल जाता है और कार्यक्रम बिना रुकावट के हो जाता है। अगर आपकी आमदनी ठीक है और हर महीने किस्त देने में दिक्कत नहीं होगी तो लोन एक सहारा बन सकता है।

लोन लेने के नुकसान

सबसे बड़ा नुकसान मानसिक तनाव है। हर महीने किस्त की चिंता रहती है। अगर नौकरी में दिक्कत आ जाए या बीमारी आ जाए तो लोन चुकाना मुश्किल हो सकता है। कई परिवार लोन के कारण सालों तक कर्ज में दबे रहते हैं। शादी एक दिन का कार्यक्रम है, लेकिन कर्ज कई साल चलता है। इसलिए सिर्फ समाज को दिखाने के लिए लोन लेना समझदारी नहीं है।

क्या सही फैसला हो सकता है?

अगर आपके पास कुछ बचत है तो उसी में साधारण और सादगी से शादी करना बेहतर है। जरूरत हो तो रिश्तेदारों से बिना ब्याज मदद लेना ज्यादा अच्छा है। आप पहले से छोटी बचत योजना भी शुरू कर सकते हैं। बेटी की शादी के लिए सालों पहले से थोड़ा-थोड़ा पैसा जोड़ना समझदारी है।

अगर फिर भी लोन लेना जरूरी लगे तो कम समय का लोन लें और ऐसी किस्त चुनें जो आपकी आय के हिसाब से हो। बैंक की शर्तें ध्यान से पढ़ें और बिना समझे कागज पर साइन न करें।

समाज से ज्यादा जरूरी बेटी का भविष्य

आज के समय में पढ़ाई और अच्छी परवरिश ज्यादा जरूरी है। बेटी की पढ़ाई पर खर्च करना शादी के दिखावे से ज्यादा फायदेमंद है। अगर पिता कर्ज में डूब जाएगा तो पूरे परिवार पर असर पड़ेगा। इसलिए सोच-समझकर फैसला लें।

नया डिस्क्लेमर

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। लोन लेने से पहले अपनी आय, खर्च और जरूरत का सही हिसाब करें। किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था से लोन लेने से पहले उनकी शर्तें ध्यान से पढ़ें और जरूरत हो तो जानकार व्यक्ति से सलाह लें। हर परिवार की स्थिति अलग होती है, इसलिए फैसला भी अपनी हालत देखकर ही करें।

अंत में यही कहना सही होगा कि बेटी की शादी खुशी का अवसर है, बोझ नहीं। अगर लोन लेना आपकी मजबूरी है और आप उसे आराम से चुका सकते हैं तो यह गलत नहीं है। लेकिन अगर यह सिर्फ दिखावे के लिए है और भविष्य में परेशानी देगा, तो इससे बचना ही समझदारी है। समझदार पिता वही है जो एक दिन की इज्जत से ज्यादा पूरे जीवन की शांति को महत्व देता है।

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