₹20 लाख के होम लोन की EMI कितनी बनेगी? देहाती भाषा में पूरा हिसाब
घर बनवाना या खरीदना हर इंसान का सपना होता है। लेकिन एक साथ 20 लाख रुपये जुटाना आसान नहीं होता, इसलिए लोग बैंक से होम लोन लेते हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि 20 लाख के लोन पर हर महीने कितनी किस्त यानी EMI देनी पड़ेगी। EMI का मतलब है हर महीने बैंक को तय रकम देना, जिसमें थोड़ा हिस्सा मूल पैसा और थोड़ा ब्याज होता है। ब्याज यानी बैंक का फायदा। EMI तीन बातों पर टिकी होती है – कितना लोन लिया, कितने साल के लिए लिया और ब्याज दर कितनी है। मान लो बैंक 9% सालाना ब्याज ले रहा है, तो अब हम सीधा-सादा हिसाब समझते हैं।
20 साल के लिए लोन का आसान हिसाब
अगर आपने 20 लाख का लोन 20 साल के लिए लिया और ब्याज 9% सालाना है, तो EMI लगभग 18,000 रुपये के आस-पास बनेगी। पहले साल में आपकी किस्त का बड़ा हिस्सा ब्याज में जाता है, और धीरे-धीरे मूल पैसा ज्यादा कटने लगता है। यही बैंक का तरीका होता है। मतलब शुरू में आपको लगेगा कि पैसा कम हो ही नहीं रहा, पर घबराने की जरूरत नहीं। जैसे-जैसे साल गुजरेंगे, असली रकम तेजी से घटेगी।
15 साल में चुकाओ तो क्या होगा
अगर आप वही 20 लाख का लोन 15 साल में खत्म करना चाहो, तो EMI बढ़ जाएगी। 9% ब्याज पर EMI करीब 20,300 रुपये के आसपास आएगी। किस्त ज्यादा होगी, लेकिन कुल ब्याज कम देना पड़ेगा। यानी जल्दी चुकाओ तो बैंक को कम फायदा, और आपको बचत। जिनकी कमाई ठीक-ठाक है, वे कम साल का लोन लें तो अच्छा रहता है।
10 साल में चुकाने पर कितना दबाव
अगर आप 10 साल में लोन खत्म करना चाहो, तो EMI लगभग 25,300 रुपये के आसपास बनेगी। किस्त भारी लगेगी, पर कुल ब्याज बहुत कम लगेगा। यानी जितने कम साल, उतना कम ब्याज। पर ध्यान रहे कि हर महीने की कमाई पर ज्यादा बोझ न पड़े।
नीचे एक छोटा सा टेबल देख लो ताकि साफ समझ आ जाए:
| समय (साल) | ब्याज दर | EMI लगभग |
|---|---|---|
| 20 साल | 9% | ₹18,000 |
| 15 साल | 9% | ₹20,300 |
| 10 साल | 9% | ₹25,300 |
ब्याज दर बढ़े तो क्या होगा
अगर ब्याज 9% से बढ़कर 10% हो जाए, तो EMI भी बढ़ जाएगी। बैंक की दर थोड़ी सी बढ़ती है, तो किस्त में सैकड़ों या हजारों का फर्क आ सकता है। इसलिए लोन लेते समय ब्याज दर पक्की पूछ लें। कोशिश करें कि कम दर पर लोन मिले। कभी-कभी सरकारी योजना में थोड़ी राहत भी मिल जाती है।
EMI तय करने से पहले क्या सोचें
लोन लेते समय बस यह मत सोचो कि बैंक कितना दे रहा है। यह सोचो कि हर महीने आराम से कितनी किस्त दे सकते हो। घर चलाने का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, दवाई, बाकी खर्च सब जोड़कर देखो। अगर EMI आपकी कमाई का आधे से ज्यादा हिस्सा खा जाएगी, तो आगे चलकर दिक्कत हो सकती है। समझदारी यही है कि EMI ऐसी हो जो बिना टेंशन के भर सको।
कुल कितना पैसा बैंक को जाएगा
अगर 20 साल में 18,000 रुपये महीने देते हो, तो कुल मिलाकर लगभग 43 लाख रुपये बैंक को चले जाएंगे। यानी 20 लाख लिया, पर करीब 23 लाख ब्याज में गया। यही वजह है कि लोग कोशिश करते हैं कि लोन जल्दी खत्म हो जाए। अगर बीच में थोड़ा पैसा हाथ लगे, तो कुछ रकम पहले ही जमा कर दो, इससे ब्याज कम लगेगा।
नया डिस्क्लेमर
यह लेख सिर्फ समझाने के लिए है। असली EMI बैंक की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और आपके कागजों पर निर्भर करती है। लोन लेने से पहले बैंक से सही जानकारी जरूर लें और अपनी कमाई के हिसाब से ही फैसला करें।