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Mutual Fund SIP: ₹500 महीना डालो और 25 साल में बनाओ ₹1 करोड़, देसी गणित देखो

Mutual Fund SIP: ₹500 महीना डालो और 25 साल में बनाओ ₹1 करोड़, देसी गणित देखो

आज के समय में हर इंसान चाहता है कि कम पैसे से बड़ा धन बने। बहुत लोग सोचते हैं कि ₹1 करोड़ बनाना सिर्फ अमीर लोगों का काम है, लेकिन सही तरीका अपनाया जाए तो छोटा आदमी भी बड़ा लक्ष्य पा सकता है। म्यूचुअल फंड SIP यानी हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम लगाना एक आसान तरीका है। अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹500 जमा करे और उसे लंबे समय तक जारी रखे, तो समय के साथ पैसा बढ़ता जाता है। इसमें सबसे बड़ा रोल समय का होता है। जितना लंबा समय, उतना बड़ा फायदा।

SIP क्या है और कैसे काम करती है

SIP का मतलब है हर महीने एक तय रकम निवेश करना। जैसे आप हर महीने मोबाइल रिचार्ज करते हैं, वैसे ही हर महीने ₹500 म्यूचुअल फंड में डालते हैं। यह पैसा शेयर बाजार से जुड़ी कंपनियों में लगाया जाता है। बाजार ऊपर जाता है तो आपका पैसा भी बढ़ता है। बाजार नीचे आता है तो आपको ज्यादा यूनिट मिलती हैं। लंबे समय में औसत फायदा अच्छा मिलता है।

मान लीजिए आपको औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है। यह रिटर्न पक्का नहीं होता, लेकिन लंबे समय में इक्विटी फंड इतना दे सकते हैं। असली ताकत चक्रवृद्धि की है, यानी जो फायदा मिलता है वह भी आगे कमाने लगता है। यही देसी गणित है जो छोटे पैसे को बड़ा बना देता है।

₹500 से 25 साल में कितना बनेगा

अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹500 जमा करता है, तो एक साल में ₹6,000 और 25 साल में कुल ₹1,50,000 जमा होंगे। लेकिन रिटर्न जुड़ने के बाद रकम इससे कहीं ज्यादा हो जाती है। नीचे दी गई तालिका में अलग-अलग रिटर्न पर अनुमान दिखाया गया है।

मासिक निवेशसमयअनुमानित रिटर्नकुल जमा रकमअनुमानित फाइनल रकम
₹50025 साल10%₹1,50,000करीब ₹6,50,000
₹50025 साल12%₹1,50,000करीब ₹9,50,000
₹50025 साल15%₹1,50,000करीब ₹17,00,000

तालिका से साफ है कि सिर्फ ₹500 से 25 साल में ₹1 करोड़ नहीं बनता। फिर ₹1 करोड़ कैसे बनेगा? इसका जवाब है या तो समय बढ़ाओ, या रकम बढ़ाओ, या दोनों। अगर हर साल SIP में थोड़ा-थोड़ा बढ़ोतरी की जाए, तो लक्ष्य पास आ सकता है।

₹1 करोड़ का असली देसी तरीका

मान लीजिए आप ₹500 से शुरू करते हैं और हर साल ₹500 बढ़ा देते हैं। यानी पहले साल ₹500, दूसरे साल ₹1,000, तीसरे साल ₹1,500 और ऐसे ही आगे। इसे स्टेप-अप SIP कहते हैं। अगर 25 साल तक ऐसा किया जाए और औसतन 12% रिटर्न मिले, तो रकम तेजी से बढ़ती है।

दूसरा तरीका है समय बढ़ाना। अगर ₹500 महीना 35 से 40 साल तक डाला जाए और औसतन 12% रिटर्न मिले, तो रकम करीब ₹30 से ₹40 लाख तक पहुंच सकती है। अगर 15% रिटर्न मिले और समय 40 साल हो, तो रकम ₹1 करोड़ के आसपास जा सकती है।

इसका मतलब साफ है कि ₹500 से शुरुआत करना आसान है, लेकिन करोड़ बनने के लिए या तो लंबा समय चाहिए या निवेश बढ़ाना होगा। यही असली देसी गणित है।

SIP में धैर्य क्यों जरूरी है

शेयर बाजार हर साल एक जैसा रिटर्न नहीं देता। कभी ज्यादा बढ़ता है, कभी गिरता है। कई लोग गिरावट देखकर पैसा निकाल लेते हैं और नुकसान कर बैठते हैं। SIP में धैर्य सबसे बड़ी ताकत है। अगर 20 से 25 साल तक पैसा नहीं छेड़ा जाए, तो उतार-चढ़ाव अपने आप ठीक हो जाते हैं।

छोटा निवेश भी बड़ा बन सकता है अगर उसे समय और धैर्य मिले। जैसे खेत में बीज बोने के बाद रोज खोदकर नहीं देखते कि फसल आई या नहीं। वैसे ही SIP को समय देना जरूरी है।

आम आदमी के लिए सही तरीका

अगर आपकी कमाई कम है तो ₹500 से शुरुआत करें। जैसे-जैसे कमाई बढ़े, SIP भी बढ़ाएं। कोशिश करें कि हर साल कम से कम 10% बढ़ोतरी करें। लंबा समय चुनें, कम से कम 20 से 25 साल। सही फंड चुनने के लिए किसी भरोसेमंद सलाहकार की मदद लें या बड़े और पुराने फंड हाउस देखें।

ध्यान रखें कि पैसा जरूरत से पहले निकालना नहीं है। SIP का असली फायदा लंबे समय में मिलता है। अगर जल्दी पैसा निकाल लिया तो बड़ा लक्ष्य पूरा नहीं होगा।

नया डिस्क्लेमर

यह लेख केवल जानकारी देने के लिए है। म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े होते हैं और इनमें जोखिम रहता है। रिटर्न तय नहीं होता और कम या ज्यादा हो सकता है। निवेश करने से पहले अपनी जरूरत, समय और जोखिम सहने की क्षमता को समझें। किसी योग्य सलाहकार से राय लेना अच्छा रहता है। पिछले रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं होते।

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