आज के समय में हर इंसान चाहता है कि वह कम पैसे से बड़ा धन बना सके। बहुत लोगों को लगता है कि करोड़पति बनने के लिए बहुत ज्यादा पैसा चाहिए। लेकिन सच यह है कि अगर सही जगह और सही समय तक पैसा लगाया जाए तो छोटा निवेश भी बड़ा बन सकता है। म्यूचुअल फंड की SIP यानी हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम निवेश करना इसी सोच पर काम करता है। अगर कोई व्यक्ति हर महीने सिर्फ ₹1000 जमा करे और लंबे समय तक धैर्य रखे तो वह बड़ी रकम बना सकता है। यहाँ हम सरल भाषा में समझेंगे कि ₹1000 की SIP से ₹2 करोड़ कैसे बन सकते हैं।
SIP क्या है और यह कैसे काम करती है
SIP का मतलब है हर महीने तय रकम निवेश करना। जैसे आप हर महीने मोबाइल रिचार्ज करते हैं, वैसे ही हर महीने ₹1000 म्यूचुअल फंड में डाल देते हैं। यह पैसा शेयर बाजार से जुड़ी कंपनियों में लगाया जाता है। जब बाजार बढ़ता है तो आपका पैसा भी बढ़ता है। इसमें सबसे बड़ी ताकत है समय और ब्याज पर ब्याज का असर। जब आपके पैसे पर जो कमाई होती है, वह भी आगे कमाई करने लगती है, तो धीरे-धीरे रकम बहुत तेज बढ़ती है। यही कारण है कि छोटी रकम भी लंबे समय में बड़ी बन सकती है।
₹1000 से ₹2 करोड़ बनने का गणित
अब सवाल है कि ₹1000 से ₹2 करोड़ कैसे बनेंगे। मान लीजिए आप हर महीने ₹1000 निवेश करते हैं और औसतन 12 से 15 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है। अगर आप यह निवेश 35 से 40 साल तक जारी रखते हैं, तो रकम बहुत बड़ी हो सकती है। यहाँ एक उदाहरण के रूप में समझते हैं।
| मासिक SIP | सालाना रिटर्न | समय (साल) | कुल निवेश | अनुमानित रकम |
|---|---|---|---|---|
| ₹1000 | 15% | 40 साल | ₹4,80,000 | लगभग ₹1.9 से 2 करोड़ |
ऊपर की तालिका में आप देख सकते हैं कि 40 साल में आपने कुल सिर्फ ₹4,80,000 जमा किए, लेकिन समय और बढ़त की वजह से रकम करीब ₹2 करोड़ तक पहुँच सकती है। यही SIP की ताकत है।
समय का महत्व क्यों सबसे ज्यादा है
SIP में सबसे जरूरी चीज है समय। अगर कोई व्यक्ति 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करता है और 65 साल तक जारी रखता है, तो उसे सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। अगर वही व्यक्ति 35 साल की उम्र में शुरू करे तो रकम काफी कम हो जाएगी। इसलिए जल्दी शुरुआत करना बहुत जरूरी है। जितना लंबा समय, उतना ज्यादा फायदा। बीच में पैसा निकालने से बढ़त रुक जाती है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी है।
बाजार गिरने पर क्या करना चाहिए
बहुत लोग बाजार गिरने पर घबरा जाते हैं और SIP बंद कर देते हैं। यह सबसे बड़ी गलती होती है। जब बाजार गिरता है तो आपको सस्ते दाम पर यूनिट मिलती है। बाद में जब बाजार ऊपर जाता है तो वही यूनिट ज्यादा फायदा देती है। इसलिए गिरावट के समय SIP जारी रखना समझदारी है। लंबे समय में बाजार ने हमेशा बढ़त दिखाई है।
₹2 करोड़ का सपना कैसे सच हो सकता है
₹2 करोड़ सुनने में बहुत बड़ी रकम लगती है, लेकिन अगर इसे 40 साल में बांटकर देखें तो यह संभव लगता है। हर महीने ₹1000 आज के समय में बहुत बड़ी रकम नहीं है। कई लोग इससे ज्यादा पैसा फालतू खर्च कर देते हैं। अगर वही पैसा बचाकर SIP में लगाया जाए तो भविष्य सुरक्षित हो सकता है। साथ ही समय के साथ आप अपनी SIP राशि भी बढ़ा सकते हैं। जैसे हर साल ₹100 या ₹200 बढ़ा दें तो लक्ष्य और जल्दी पूरा हो सकता है।
सही फंड चुनना क्यों जरूरी है
हर म्यूचुअल फंड एक जैसा नहीं होता। लंबे समय के लिए इक्विटी फंड सही माने जाते हैं क्योंकि उनमें बढ़त की संभावना ज्यादा होती है। निवेश करने से पहले फंड का पिछला प्रदर्शन, खर्च और कंपनी की साख देखनी चाहिए। अगर समझ न आए तो किसी जानकार से सलाह ले सकते हैं। गलत फंड चुनने से लक्ष्य पूरा होने में दिक्कत आ सकती है।
धैर्य और अनुशासन ही असली चाबी है
SIP में सबसे जरूरी है नियमित निवेश। एक-दो साल में बड़ा फायदा नहीं दिखेगा, लेकिन 10-20 साल बाद असर साफ दिखेगा। बीच में घबराकर बंद करने से नुकसान हो सकता है। जो लोग धैर्य रखते हैं, वही बड़ा लाभ पाते हैं। ₹1000 की छोटी शुरुआत भी भविष्य में बड़ी खुशी दे सकती है।
नया डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। इसमें दिया गया हिसाब एक उदाहरण है। बाजार में लाभ और हानि दोनों संभव हैं। निवेश करने से पहले अपनी आय, जरूरत और जोखिम समझें। जरूरत हो तो पंजीकृत सलाहकार से सलाह लें। पिछले रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं होते।